Wednesday, 1 April 2015

सेन्ट एन्थोनी स्कूल में मेरा पहला दिन

          आपको पता है न अब मेरा एडमिशन हमारे शहर के सबसे अच्छे स्कूल सेन्ट एन्थोनी में हो गया है। मैं अपना नया स्कूल देखने के लिये बहुत उतावला हूं, पता है क्यों? क्यों कि यह स्कूल मेरे घर से काफी दूर है सो दूर तक पापा के साथ घूमने को मिला करेगा।





और यह रहा मैं अपने नये स्कूल में।

















                                                                                                                                                    
आज स्कूल के नये सत्र का पहला दिन था इसलिये स्कूल को गुब्बारों से खूब सजाया गया था।


























बच्चे बैलून तोड़ रहे थे मैने भी तोड़े ...देखो कितने सारे बैलून हैं मेरे पास।




पुराना स्कूल तो छोटा सा था, पर यह तो बहुत बड़ा स्कूल है।



























                                                                                                                              देखो ...........यहां पर तो झूले भी हैं।   







Sunday, 15 February 2015

गंगा तट पर सूर्यास्त के समय आराध्य की मस्ती

          आज रविवार का दिन था और काफी दिनों बाद पापा को फुर्सत मिली। बस मुझे तो इसी मौके का इंतजार था। पापा के साथ के साथ गंगा तट पर शाम को घूमने का मजा लिया, मेरे साथ और कौन-कौन था यह तो बताया ही नहीं, आप खुद देख लो, अले भाई फोटो देखो




 इनको नहीं पहचाना??? अले!!! पहचानेगें कैसे, इनके बारे में तो मैने कभी ब्लाग पर बताया ही नहीं। यह भी बाबा ही हैं श्री रघुबीर सिंह भदौरिया जी, और आपको तो पता ही है, मुझे हवाई जहाज बहुत अच्छे लगते हैं और यह बाबा एयरफोर्स में कैप्टन थे!!! आप कहेंगे इससे क्या.....अरे कम से कम हवाई जहाज वाली कहानी तो सुनायेंगे।
 आज तो मस्ती ही मस्ती है, दो-दो बाबा का साथ जो है।


 पापा के साथ पकड़म-पकड़ाई खेलेने में तो मजा आ गया।

और फूफा जी के साथ भी खूब मस्ती की।

Thursday, 30 October 2014

कुर्तें में कैसा लग रहा हूं मैं?

आज मेरी मम्मी ने मुझे 

कुर्ता पायजामा पहनाया। 

बस फिर क्या था पापा और 

बुआ लग गये मेरा फोटोशूट 

करने में और मैने भी खूब 

सुन्दर-सुन्दर पोज दिये।

 






स्कूल जाने को तैयार आराध्य


 कुछ दिन तो मुझे स्कूल जाते समय

 बहुत बुरा लगा। खूब रोया भी करता 

था मैं, पर अब तो मजे से जाता हूं।

Monday, 28 July 2014

स्कूल में मेरा पहला दिन

   आज मेरा स्कूल में एडमिशन करवाया गया. पापा और बाबा मुझे लेकर एडमिशन करवाने गये.   मैं कई दिन पहले स्कूल देख आया था. वहां पर ढेर सारे खिलौने देखे थे मैने, सो मुझे खुद स्कूल पहुंचने की बहुत जल्दी थी।







पापा ने स्कूल पहुंचकर जब तक मेरा एडमिशन फार्म भरा तब तक मैंने एक छोटी सी कार चलाकर देखी.








यह हैं मेरे स्कूल के निदेशक श्री ब्रजकिशोर सिंह सर.








यह हैं मेरी मैम, इन्होंने तो मुझे बिस्किट और टाॅफी भी दी.








यह है मेरा क्लास रूम, मेरे बाबा और स्कूल के निदेशक सर भी हैं मेरे साथ.










अरे वाह!! यहां तो कार्टून भी देखने को मिलेंगे. मैं स्मार्ट हूँ, तो मेरा क्लास भी स्मार्ट होगा ना.







ओह! मैने स्कूल का नाम तो बताया ही नहीं, मेरे स्कूल का नाम है ''गुरूकुल चिल्ड्रेन्स एकेडमी''.     आज बस इतना ही. अब तो मैं रोज स्कूल आऊँगा ना, सो आपको अपनी स्कूल एक्टिविटीज के बारे में जरूर बताऊँगा.     पर मेरे ब्लाॅग को विज़िट करना मत भूलियेगा.

Tuesday, 17 June 2014

माँ गंगा के तट पर आराध्य

आज मैं अपनी बड़ी बुआजी के बेटे के मुण्डन में शामिल होने के लिये मम्मी-पापा, बुआ और बाबा के साथ गंगा तट पर गया था। 
बुहत मस्ती की मैने वहां-:
















कौओं को पकड़ने की कोशिष की पर अफसोस कोई पकड़ में ही नहीं आया।


यह रहा मैं अपनी बुआ की बेटी यानी अपनी रिद्धि दीदी के साथ।














दूर-दूर तक फैली रेत और गंगा जी के पानी को छूकर आती ठंडी हवा, बहुत मजा आया मुझे यहां खेलने में। 

















Tuesday, 4 February 2014

आराध्य अपने दोस्त के साथ

आज मेरे घर पर अनुप्रिया आंटी और उनका बेटा आया, वह तो मेरे जितना ही बड़ा है सो मैने उसके साथ खूब मस्ती की.





मैने अपने झूले पर उसके साथ जमकर झूला झूलने का मजा लिया।










और पकड़म-पकड़ाई भी खेली।









साथ फोटो भी खिंचानी थी, अपने दोस्त के। कैसे लग रहे हैं हम दोनों?









और यह रहे हमारे मिकी माउस जी।

Funny Pictures