Friday, 20 May 2016

अब तो मैं आ गया हूं के.जी. 2 में

देखो एक वर्ष कितनी जल्दी निकल गया, अब मैं के.जी. 2 में आ गया हू। 
अब तो स्कूल में खूब मजा आता है।
मैं और मेरे के.जी.-1 के दोस्त अपनी टीचर के साथ










यह मेरे स्कूल के 
वार्षिकोत्सव की 
फोटो हैं।





















और यह है मेरा स्कूल

          मेरे के.जी.-2 के यूनिट टेस्ट के पेपर भी देख लो आप...........
 

. छुट्टियों में खूब पढ़ाई करूंगा .....इंग्लिश में नम्बर जो कम आये हैं। 



Friday, 22 April 2016

राज विद्या केन्द्र में आराध्य

कल मैं पापा के साथ राज विद्या केन्द्र में गया था....
अरे.....अरे कोई विद्या सीखने नहीं बस यूं ही घूमने।




 इन घड़ों को देखो मिट्टी में इन्हें इसलिये दबाया गया है ताकि इनका पानी ठंडा रहे। है न कितना अच्छा फ्रिज



यह एक बहुत अच्छा आश्रम हैं, मैने तो खूब मस्ती की।


Friday, 26 February 2016

कानपुर प्राणी उद्यान में आराध्य की मस्ती


कल मैं अपने मम्मी पापा के साथ कानपुर एक शादी में गया था वहां से वापस आते समय पापा मुझे कानपुर के प्राणी उद्यान अरे चिड़ियाघर घुमाने ले गये। मुझे तो खूब मजा आया वहां। 
 आइये आप भी चलिये इस मजेदार यात्रा पर.

वाह !!! कितने सारे झूले...इन पर मस्ती करने का मजा ही कुछ और है।













इनसे मिलिये: यह है सफेद गले का कैपिचुन बंदर। प्राकृतिक रूप से यह दक्षिण अमेरिका के घने जंगलों में पाया जाता है।












यह है जलीय पक्षियों का निवास।















बहुत सारे तरह-तरह के पक्षी भी देखे मैंने यहां, जैसे आॅस्टैलिया में पाया जाने वाले काॅकटिल, भारतीय भूरा धनेश, चीन के केन्द्रीय क्षेत्रों में पाया जाने वाले सुनहरा पीजेन्ट, दक्षिणी चीन, कम्बोडिया आदि में पाया जाने वाला रजत पीजेन्ट, सफेद मोर और हां यहां मैने राजहंस भी देखा।
 यह हैं डायनासोर। अरे-अरे डरो मत ...यह सचमुच का नहीं है। 
पर्वतीय भालू।













छुक-छुक करती बच्चों की रेलगाड़ी।













घूमने का मन तो और भी था, पर घर आने के लिये देर हो रही थी इसलिये वापस घर के लिये निकलना पड़ा, सो जल्दी कुछ नया लेकर फिर मिलता हूं। 

Wednesday, 1 April 2015

सेन्ट एन्थोनी स्कूल में मेरा पहला दिन

          आपको पता है न अब मेरा एडमिशन हमारे शहर के सबसे अच्छे स्कूल सेन्ट एन्थोनी में हो गया है। मैं अपना नया स्कूल देखने के लिये बहुत उतावला हूं, पता है क्यों? क्यों कि यह स्कूल मेरे घर से काफी दूर है सो दूर तक पापा के साथ घूमने को मिला करेगा।





और यह रहा मैं अपने नये स्कूल में।

















                                                                                                                                                    
आज स्कूल के नये सत्र का पहला दिन था इसलिये स्कूल को गुब्बारों से खूब सजाया गया था।


























बच्चे बैलून तोड़ रहे थे मैने भी तोड़े ...देखो कितने सारे बैलून हैं मेरे पास।




पुराना स्कूल तो छोटा सा था, पर यह तो बहुत बड़ा स्कूल है।



























                                                                                                                              देखो ...........यहां पर तो झूले भी हैं।   







Sunday, 15 February 2015

गंगा तट पर सूर्यास्त के समय आराध्य की मस्ती

          आज रविवार का दिन था और काफी दिनों बाद पापा को फुर्सत मिली। बस मुझे तो इसी मौके का इंतजार था। पापा के साथ के साथ गंगा तट पर शाम को घूमने का मजा लिया, मेरे साथ और कौन-कौन था यह तो बताया ही नहीं, आप खुद देख लो, अले भाई फोटो देखो




 इनको नहीं पहचाना??? अले!!! पहचानेगें कैसे, इनके बारे में तो मैने कभी ब्लाग पर बताया ही नहीं। यह भी बाबा ही हैं श्री रघुबीर सिंह भदौरिया जी, और आपको तो पता ही है, मुझे हवाई जहाज बहुत अच्छे लगते हैं और यह बाबा एयरफोर्स में कैप्टन थे!!! आप कहेंगे इससे क्या.....अरे कम से कम हवाई जहाज वाली कहानी तो सुनायेंगे।
 आज तो मस्ती ही मस्ती है, दो-दो बाबा का साथ जो है।


 पापा के साथ पकड़म-पकड़ाई खेलेने में तो मजा आ गया।

और फूफा जी के साथ भी खूब मस्ती की।

Thursday, 30 October 2014

कुर्तें में कैसा लग रहा हूं मैं?

आज मेरी मम्मी ने मुझे 

कुर्ता पायजामा पहनाया। 

बस फिर क्या था पापा और 

बुआ लग गये मेरा फोटोशूट 

करने में और मैने भी खूब 

सुन्दर-सुन्दर पोज दिये।

 






स्कूल जाने को तैयार आराध्य


 कुछ दिन तो मुझे स्कूल जाते समय

 बहुत बुरा लगा। खूब रोया भी करता 

था मैं, पर अब तो मजे से जाता हूं।

Funny Pictures